दुर्ग, 16 जून। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित “आनंद सरोवर” में एक भव्य आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस समागम में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की क्षेत्रीय निर्देशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी का गरिमामयी शुभागमन हुआ। उनके पावन सानिध्य में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने अपनी आध्यात्मिक उन्नति के गुरुमंत्र सीखे। कार्यक्रम की शुरुआत में कुमारी तेजस्वी, प्रियांशी, युक्ति और चंद्राणी द्वारा एक बेहद सुंदर और भावपूर्ण स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।

अनुभव और तपस्या से मिली विशिष्ट पहचानब्रह्माकुमारी दुर्ग की संचालिका रीटा दीदी ने हेमलता दीदी का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके कुशल नेतृत्व की सराहना की। रीटा दीदी ने कहा, “आपके कुशल निर्देशन में सभी सेवाकेंद्रों के भाई-बहनों को समय-समय पर अनुभव युक्त मार्गदर्शन मिलता रहता है। आपने अपनी कठिन तपस्या और कुशाग्र बुद्धि के बल पर इंदौर जोन (मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़) को देश भर के ब्रह्माकुमारीज सेवाकेन्द्रों में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

“मम्मा की स्मृति में आंतरिक तपस्या का महीनाउल्लेखनीय है कि जून महीने को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य संचालिका ओम राधे (मातेश्वरी जी/मम्मा) के पुण्य स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस पूरे मास में साधक अपनी विशेष आध्यात्मिक उन्नति के लिए आंतरिक तपस्या के भिन्न-भिन्न आयोजन करते हैं। इसी श्रृंखला के तहत आयोजित इस समागम में हेमलता दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों को आध्यात्मिक पुरुषार्थ की छोटी-छोटी और व्यावहारिक बातों पर अपना अमूल्य उद्बोधन दिया।