नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने निर्वासन के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि वह इस वर्ष के अंत तक अपने देश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें मौत का कोई डर नहीं है और उनकी वापसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के राजनीतिक अधिकारों की बहाली के लिए होगी।
साल 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत में रह रही हसीना का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश में उनकी पार्टी अवामी लीग के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दोबारा सक्रिय होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच, सरकार ने अवामी लीग के नेताओं को स्थानीय निकाय चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने की अनुमति भी दी है।
एक साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा कि उनकी वापसी का उद्देश्य बांग्लादेश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना, कानून के शासन की बहाली और मुक्ति संग्राम की भावना की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों पर होने वाला हर हमला देश की स्वतंत्रता की भावना पर हमला है।
अपने खिलाफ चल रहे मामलों और मौत की सजा के सवाल पर हसीना ने कहा कि उन्हें मौत का कोई भय नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1975 में उन्होंने अपने माता-पिता, भाइयों और परिवार के अधिकांश सदस्यों को खो दिया था। इसके अलावा उन पर कई बार जानलेवा हमले और साजिशें भी हुईं, लेकिन हर बार वह डटकर जनता के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने अपने खिलाफ दिए गए फैसलों को अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और कानून का शासन कमजोर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था संकट में है, अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं और उग्रवाद तेजी से फैल रहा है।
हालांकि, शेख हसीना के इस बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों ने खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने कहा कि सरकार को उनके दावों से कोई चिंता नहीं है और ऐसे बयान केवल राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति हैं। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के नेताओं ने भी मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अवामी लीग को फिर से राजनीतिक मुख्यधारा में लाने की संभावनाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
शेख हसीना के इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और आने वाले महीनों में वहां का राजनीतिक घटनाक्रम और अधिक दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।