मानसून ने पकड़ी रफ्तार, दिल्ली में जल्द दस्तक के आसार; पूर्वोत्तर में बाढ़ से जनजीवन बेहाल

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले पांच से छह दिनों में इसके दिल्ली पहुंचने की संभावना है। विभाग ने बताया कि उत्तरी अरब सागर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शेष हिस्सों में भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। सोमवार को दिल्ली में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

रविवार को राजधानी ने पिछले दो वर्षों का सबसे गर्म दिन दर्ज किया। न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भीषण उमस के कारण लोगों को तापमान 50.7 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हुआ, जिससे पूरे दिन गर्मी और बेचैनी बनी रही।

निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी अनुमान जताया है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो 4 जुलाई तक मानसून दिल्ली पहुंच सकता है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पालावत के अनुसार, पाकिस्तान से आने वाली शुष्क हवाएं और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं आपस में मिल रही हैं। इससे बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण व्यापक वर्षा नहीं हो पा रही है। दिन के सबसे गर्म समय में बादलों का विकास होने से बारिश की संभावना कमजोर पड़ रही है।

वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ ने हालात गंभीर कर दिए हैं। अरुणाचल प्रदेश के केयी पेनयोर क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड में तीन लोगों की मौत हो गई। राज्य के 10 जिले बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मौसम विभाग ने सोमवार तक 200 मिमी तक बारिश होने का अनुमान जताया है।

उधर, सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में भारी बारिश के चलते फिडांग और संकालांग को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बह गया, जिससे पूरा इलाका राज्य के अन्य हिस्सों से कट गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

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