अंबिकापुर। सरगुजा जिले का बहुचर्चित दयानिधि हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप त्रिपाठी पर आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त उपचार के बावजूद मरीजों से PhonePe और नकद के माध्यम से अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर प्रकाशित खबरों और शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक (JD) डॉ. अनिल शुक्ला ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पत्र जारी कर तत्काल जांच टीम गठित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मरीजों से अवैध वसूली के आरोप
शिकायतों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को योजना का लाभ देने के बजाय उपचार के नाम पर उनसे फोन-पे और नकद राशि वसूल रहा था। कई मरीजों और उनके परिजनों ने इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आया।
जांच के आदेश से स्वास्थ्य विभाग में हलचल
संयुक्त संचालक के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। जांच टीम अस्पताल में उपचार प्रक्रिया, आयुष्मान योजना के तहत किए गए भुगतान और मरीजों से ली गई राशि की जांच करेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं आम जनता को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और आयुष्मान योजना का दुरुपयोग करने वालों पर अंकुश लगेगा।