नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा विवाद सामने आया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायक एन. इलैयाराजा ने आरोप लगाया है कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर वोट प्रभावित करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, विधायक की शिकायत के बाद जांच में कुछ आरोपियों के तार डीएमके नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
विधायक एन. इलैयाराजा ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IPDS) नामक संस्था से जुड़े एक व्यक्ति ने फोन कर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करने के बदले 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की। विधायक का आरोप है कि प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या टीवीके के 15 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोई साजिश रची जा रही थी। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
मामले को लेकर तमिलनाडु सरकार में मंत्री सी.टी. निर्मल कुमार ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली नेता टीवीके विधायकों को दल-बदल के लिए बड़ी रकम का लालच दे रहे थे। मंत्री ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, इस प्रकरण के सामने आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।