बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारियों तथा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 9 जुलाई 2026 तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
रजिस्ट्रार स्तर पर अहम जिम्मेदारियां
हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी को हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें रजिस्ट्रार (आई एंड ई) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
वहीं ओम प्रकाश जायसवाल को रजिस्ट्रार (न्यायिक) नियुक्त किया गया है, जबकि रूपनारायण पठारे को हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी का सचिव बनाया गया है।
कई जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीश बदले
प्रशासनिक आदेश के तहत कई जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नई पदस्थापना की गई है। राकेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। विनीता वार्नर को बलौदाबाजार का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है, जबकि थॉमस एक्का को सूरजपुर जिले का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
विशेष न्यायालयों में भी बदलाव
हाई कोर्ट ने विशेष न्यायालयों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अजय सिंह राजपूत को जगदलपुर स्थित एनआईए स्पेशल कोर्ट का विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार (न्यायिक) के पद पर कार्यरत सुमित कपूर को रायपुर में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले
जारी आदेश के तहत सिद्धार्थ अग्रवाल को जगदलपुर, किरण कुमार जांगड़े को बलरामपुर-रामानुजगंज, विनय कुमार प्रधान को रायपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा डमरूधर चौहान को रायपुर में दसवें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा अमित कुमार कोहली को रामानुजगंज में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं संगीत नवीन तिवारी को जगदलपुर एनआईए स्पेशल कोर्ट से स्थानांतरित कर बलौदाबाजार में प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
9 जुलाई तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
हाई कोर्ट ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे 9 जुलाई 2026 तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। न्यायिक प्रशासन का मानना है कि इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से न्यायालयों की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा लंबित मामलों के त्वरित और बेहतर निपटारे में मदद मिलेगी।


