8 जुलाई को साय कैबिनेट की अहम बैठक, किसानों के लिए यूरिया वितरण के नए नियमों समेत कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 8 जुलाई को आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में यह बैठक सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। बैठक में राज्य के विभिन्न प्रशासनिक, विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने के साथ कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। सरकार की ओर से बैठक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बैठक से पहले राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए किसानों के हित में यूरिया वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को खरीफ 2025 में जितनी मात्रा में यूरिया मिला था, इस वर्ष भी उतनी ही मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही पहले लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा को समाप्त कर दिया गया है, ताकि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े और खेती की तैयारियां प्रभावित न हों।

स्टॉक कम होने पर भी नहीं होगा किसानों का नुकसान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सहकारी समिति में अस्थायी रूप से यूरिया का स्टॉक कम हो जाता है और किसान को उसकी पूरी पात्रता के अनुसार खाद नहीं मिल पाती, तो शेष मात्रा स्टॉक उपलब्ध होते ही बाद में उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे किसी भी किसान को उर्वरक की कमी के कारण निर्धारित मात्रा से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।

जशपुर में कलेक्टर ने किया निरीक्षण

यूरिया वितरण व्यवस्था की निगरानी के तहत जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण किया। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

किसानों से सीधे संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से बातचीत कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग पर जोर

कलेक्टर ने किसानों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इनके इस्तेमाल से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी उपज और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।

सहकारी समितियों की होगी नियमित निगरानी

जिला प्रशासन ने सभी सहकारी समितियों में खाद, बीज और कृषि ऋण की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध हों और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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