मुंबई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्देशक और निर्माता महेश भट्ट ने अपने प्रशंसकों को बड़ा झटका देते हुए फिल्म निर्देशन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 77 वर्षीय फिल्मकार ने स्पष्ट किया है कि अब वह भविष्य में किसी भी फिल्म का निर्देशन नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह निर्माता और थिएटर से जुड़े रचनात्मक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से फिल्म जगत से जुड़े रहेंगे।
निर्देशन छोड़ने की बताई बड़ी वजह
हाल ही में एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने कहा कि बदलते दौर में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पहले जैसी रचनात्मक नहीं रह गई है। उनके अनुसार, आज अधिकांश फिल्मों का कंटेंट पहले से तय होता है, जिससे निर्देशक और कलाकारों की स्वतंत्र सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए बहुत कम जगह बचती है।
उन्होंने कहा कि कला तभी जीवंत रहती है, जब उसमें नए विचारों और प्रयोगों की पूरी स्वतंत्रता हो। यदि हर निर्णय पहले से तय हो, तो निर्देशक की भूमिका केवल औपचारिक बनकर रह जाती है।
‘अब निर्देशन में वापसी नहीं होगी’
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में फिर से किसी फिल्म का निर्देशन करेंगे, तो उन्होंने साफ कहा कि अब उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है। उनका मानना है कि जीवन के इस पड़ाव पर फिल्मों पर चर्चा करना, नए कलाकारों के साथ काम करना और रचनात्मक विचार साझा करना उन्हें अधिक संतोष देता है।
50 साल से ज्यादा का शानदार फिल्मी सफर
महेश भट्ट ने अपने निर्देशन करियर की शुरुआत 1974 में फिल्म ‘मंजिलें और भी हैं’ से की थी। हालांकि उन्हें वास्तविक पहचान 1982 में आई फिल्म ‘अर्थ’ से मिली। इसके बाद उन्होंने ‘सारांश’, ‘सड़क’, ‘सर’, ‘तमन्ना’, ‘दस्तक’, ‘क्रिमिनल’ और ‘डुप्लीकेट’ जैसी कई यादगार फिल्मों का निर्देशन किया।
वहीं सुपरहिट फिल्म ‘हम हैं राही प्यार के’ की कहानी भी महेश भट्ट ने ही लिखी थी, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया।
‘सड़क 2’ रही आखिरी निर्देशित फिल्म
महेश भट्ट ने 1999 में फिल्म ‘कारतूस’ के बाद निर्देशन से दूरी बना ली थी। करीब दो दशक बाद उन्होंने ‘सड़क 2’ के जरिए निर्देशन में वापसी की, लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि यह उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म थी और वह दोबारा निर्देशक की कुर्सी पर नहीं लौटेंगे।
निर्माता के रूप में रहेंगे सक्रिय
हालांकि निर्देशन छोड़ने के बावजूद महेश भट्ट फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह दूर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वह आगे भी निर्माता के रूप में नई फिल्मों और थिएटर से जुड़े रचनात्मक प्रोजेक्ट्स में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।