गाजीपुर। सम दृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) काशी प्रांत का स्थापना दिवस रविवार शाम चीतनाथ घाट स्थित आर्य समाज मंदिर के सभागार में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला संघचालक जयप्रकाश, जिला प्रचारक प्रभात और शंकर पाण्डेय ने भारत माता, अष्टावक्र और सूरदास के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
18 वर्षों से दिव्यांगों की सेवा में समर्पित
जिला प्रचारक प्रभात ने बताया कि द्वितीय सर संघचालक सदाशिव राव गोलवलकर ‘गुरुजी’ की परिकल्पना पर भैयाजी जोशी ने 20 जून 2008 को नागपुर में सक्षम की स्थापना की थी। अपने 18 वर्षों के सफर में यह संगठन देश भर में दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रयागराज कुंभ मेले में आयोजित ‘नेत्र कुंभ’ के माध्यम से लाखों दृष्टि दिव्यांगों का उपचार कर संगठन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
विश्व का सबसे बड़ा दिव्यांग सेवा संगठन
प्रांतीय मुख्य वक्ता पंकज ने कहा कि सक्षम अपने 7 प्रकोष्ठों के माध्यम से दिव्यांगों के कल्याण के लिए काम करने वाला विश्व का सबसे बड़ा सेवा संगठन बन चुका है। प्रांत महिला प्रमुख राधा सिंह ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक जयप्रकाश ने की।
सक्षम गाजीपुर की नई कार्यकारिणी की घोषणा
मुख्य वक्ता पंकज ने संगठन की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की, जिन्हें मौके पर दायित्व ग्रहण कराया गया.जिलाध्यक्ष: धनंजय दूबे, जिला उपाध्यक्ष: कन्हैया उपाध्याय, जिला सचिव: जयशंकर राय,जिला सह सचिव रूपेश सिंह।
इस अवसर पर कृपाशंकर राय, नितिन अग्रहरि, स्वप्निल राय, नीरज कुमार उर्फ मानू, संकटमोचन पुजारी अंजनी और विजय नारायण राय सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।