नई दिल्ली/चिसीनाउ। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन देशों के राजकीय दौरे के पहले चरण में मोल्दोवा पहुंच गई हैं। राजधानी चिसीनाउ स्थित प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू और राष्ट्रपति माइया सैंडू के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में भारत-मोल्दोवा संबंधों के विभिन्न आयामों की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की और भविष्य में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों के बीच नए अवसरों की तलाश और संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा का यह पहला राजकीय दौरा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता, विश्वास और मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है।
चिसीनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत मोल्दोवा के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने किया। यह यात्रा राष्ट्रपति माइया सैंडू के निमंत्रण पर आयोजित की गई है।
दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से संवाद करेंगी, एक बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी तथा मोल्दोवा में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। यह ऐतिहासिक दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने के साथ-साथ कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति प्रदान करेगा।