नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री यशस्वी (PM-YASASVI – प्रधानमंत्री यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप अवॉर्ड स्कीम फॉर वाइब्रेंट इंडिया) योजना के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अम्ब्रेला छात्रवृत्ति योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
लोकसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने लिखित उत्तर में बताया कि PM-YASASVI योजना के तहत पात्र छात्रों के लिए चार प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि वे स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक बिना आर्थिक बाधाओं के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
PM-YASASVI योजना के चार प्रमुख घटक
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
- टॉप क्लास एजुकेशन इन स्कूल्स योजना
- टॉप क्लास एजुकेशन इन कॉलेज्स योजना
इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र OBC, EBC और DNT वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जाता है।
आर्थिक बोझ कम करने पर फोकस
सरकार का कहना है कि योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम करना है। वित्तीय सहायता के जरिए विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा के दौरान बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक रुकावट के पूरी कर सकें।
सामाजिक और शैक्षिक समानता को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार के अनुसार, PM-YASASVI योजना सामाजिक और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ेगी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।