नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।
अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भावुक अपील करते हुए अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। देश को उनकी जरूरत है, इसलिए उनकी जान को और जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार और छात्रों का खून बहते देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार ने छात्रों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सीजेपी संस्थापक ने स्पष्ट कहा कि यदि सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल समाप्त भी कर देते हैं, तब भी आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते।
छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और महात्मा गांधी तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे देश या आंदोलन की छवि को नुकसान पहुंचे।
मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं सोनम वांगचुक
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है। कई विपक्षी नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनसे मुलाकात की।