बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट! 1 अगस्त से लागू होगी नई भुगतान व्यवस्था

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली बिल भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड (अग्रिम भुगतान) प्रणाली में लाने की तैयारी पूरी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत 1 अगस्त 2026 से सरकारी विभागों को बिजली कनेक्शन चालू रखने के लिए पहले तीन महीने का अनुमानित बिजली बिल अग्रिम जमा करना होगा।

डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शन होंगे प्रीपेड

नई व्यवस्था के तहत प्रदेशभर के करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन प्रीपेड प्रणाली में स्थानांतरित किए जाएंगे। इसके लिए विभागवार अलग-अलग समूह बनाए गए हैं और प्रत्येक विभाग को एक विशिष्ट पहचान कोड (आईडी) जारी किया गया है। उद्देश्य है कि 1 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन पूरी तरह प्रीपेड मोड में संचालित हों।

तीन महीने का एडवांस जमा करना होगा

ऊर्जा विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे इस माह के अंत तक अपने तीन महीने के औसत बिजली बिल के बराबर राशि अग्रिम जमा करें। राशि जमा होने के बाद संबंधित विभागों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड पर सक्रिय कर दिए जाएंगे।

स्मार्ट मीटर से होगी डिजिटल निगरानी

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अधिकांश सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों के जरिए बिजली की वास्तविक खपत, रिचार्ज और ऑनलाइन भुगतान की निगरानी आसान होगी, जिससे बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनेगी।

4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा बकाया

सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ रहा है। मई तक यह राशि करीब 3,500 करोड़ रुपये थी, जबकि जून और जुलाई के बिल जुड़ने के बाद इसके लगभग 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुलाई तक का पुराना बकाया अलग रखा जाएगा और उसका भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। नई प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद भविष्य में नए बकाये पर नियंत्रण रखने की उम्मीद है।

नोडल अधिकारी और विशेष कोड की व्यवस्था

बिजली भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रत्येक सरकारी विभाग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही सभी विभागों को अलग-अलग डिजिटल कोड जारी किए गए हैं, ताकि भुगतान और रिकॉर्ड का ऑनलाइन प्रबंधन सुचारू रूप से किया जा सके।

विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यदि सभी विभाग तय समय सीमा के भीतर अग्रिम राशि जमा कर देते हैं, तो 1 अगस्त से प्रदेश में सरकारी बिजली कनेक्शनों पर नई प्रीपेड व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।

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