मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 73 वर्षीय टूर एंड ट्रैवल कारोबारी से 7.9 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। अंधेरी निवासी कारोबारी को ठगों ने 14 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और खुद को दिल्ली पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर करोड़ों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की जांच अब मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस कर रही है।
पुलिस के अनुसार, कारोबारी को 5 जुलाई को व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका नाम जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। कॉल करने वाले की व्हाट्सऐप प्रोफाइल पर दिल्ली पुलिस की तस्वीर लगी होने से कारोबारी उसके झांसे में आ गए।
इसके बाद ठगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें किसी से भी इस मामले की चर्चा नहीं करने की चेतावनी दी। कई दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए कथित पूछताछ की गई। एक व्यक्ति ने अपना नाम राहुल गुप्ता बताते हुए दावा किया कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सरकारी बैंक में खाता खोला गया है, जिसमें 7 करोड़ रुपये जमा हैं। उसने गिरफ्तारी की धमकी भी दी।
ठगों ने कारोबारी को फर्जी ईडी और सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज भेजे। वहीं, खुद को दिल्ली साइबर पुलिस की अधिकारी निशा गुप्ता बताने वाली महिला ने अदालत के आदेश का हवाला देकर कारोबारी से अपने म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों की राशि बताए गए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करने को कहा। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी भेजा गया।
लगातार मानसिक दबाव और गिरफ्तारी के डर के कारण कारोबारी ने 7 जुलाई से 16 जुलाई के बीच छह अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 7.9 करोड़ रुपये ठगों के खातों में भेज दिए।
इस साइबर ठगी का खुलासा 18 जुलाई को हुआ, जब वेस्ट साइबर पुलिस के अधिकारी कारोबारी के घर पहुंचे और उन्हें बताया कि वे डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली सूचना के आधार पर 21 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुंबई पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और ठगी गई 7.9 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा पुलिस, ईडी, सीबीआई या अदालत का नाम लेकर फोन या वीडियो कॉल पर पैसे मांगने पर तुरंत सतर्क रहें और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।