दुर्ग। दुर्ग-धमधा मुख्य मार्ग पर शिवनाथ नदी पुल से छलांग लगाकर एक ढाबा संचालक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 46 वर्षीय संजय ओझा के रूप में हुई है। संजय ओझा पथरिया चौक के पास ढाबा संचालित करते थे और मूल रूप से भिलाई के बैकुंठ धाम क्षेत्र के निवासी थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संजय ओझा को शिवनाथ नदी पुल से छलांग लगाते देखा गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक वे नदी में डूब चुके थे।
छह घंटे चला रेस्क्यू अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही धमधा और नंदिनी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बुधवार सुबह दुर्ग से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 11:20 बजे संजय ओझा का शव नदी से बरामद किया गया। शव को बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।


आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं
संजय ओझा लंबे समय से ढाबा संचालित कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी अचानक मौत से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस आर्थिक परेशानी, पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। परिजनों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में मानसिक तनाव या अवसाद के संकेत नजर आएं, तो उसे अकेला न छोड़ें और समय रहते परिवार, विशेषज्ञ या संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क कर मदद उपलब्ध कराएं।