देश में बनेंगे 100 नए एयरपोर्ट, 10 साल में ₹30 हजार करोड़ का निवेश; छोटे शहरों को मिलेगी बड़ी कनेक्टिविटी

भारत के एविएशन सेक्टर को अगले एक दशक में बड़े विस्तार की ओर ले जाने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने देश में करीब 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इस पूरी योजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। सरकार का मुख्य फोकस उन शहरों और क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अभी एयर कनेक्टिविटी सीमित है।

छोटे शहरों तक पहुंचेगा हवाई नेटवर्क

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भारत के तीसरे ‘हब एंड स्पोक’ ऑपरेशन के उद्घाटन के दौरान विमानन क्षेत्र के विस्तार की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।

‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत छोटे शहरों और क्षेत्रीय एयरपोर्ट को बड़े एयरपोर्ट से जोड़ा जाता है। इससे यात्रियों को प्रमुख घरेलू शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंचने में भी सुविधा मिल सकती है।

अहमदाबाद में शुरू हुआ तीसरा हब

सरकार इससे पहले वाराणसी और अमृतसर में ‘हब एंड स्पोक’ कनेक्टिविटी शुरू कर चुकी है। यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब अहमदाबाद को भी इस नेटवर्क में शामिल किया गया है।

इस मॉडल का उद्देश्य छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को बड़े एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचाना और वहां से आगे की घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ान लेने की सुविधा उपलब्ध कराना है।

2014 के मुकाबले दोगुने से ज्यादा हुए एयरपोर्ट

भारत में पिछले एक दशक से अधिक समय में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 में देश में परिचालन वाले एयरपोर्ट की संख्या 74 थी, जो अब बढ़कर 166 हो गई है।

सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में औसतन हर 40 दिन में एक नया एयरपोर्ट या टर्मिनल पूरा किया गया है। इससे देश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की गति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

UDAN योजना ने बढ़ाई क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में UDAN योजना की अहम भूमिका रही है। इस योजना के जरिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और आम यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया।

अब सरकार एयरपोर्ट नेटवर्क का और विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। करीब 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

Modified UDAN को भी मिली मंजूरी

क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने इस साल मार्च में Modified UDAN योजना को शुरू करने और लागू करने की मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय को मंजूरी दी है।

यात्रियों और अर्थव्यवस्था को क्या होगा फायदा?

अगर 100 नए एयरपोर्ट की योजना निर्धारित तरीके से आगे बढ़ती है, तो देश के कई ऐसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिल सकता है जहां अभी हवाई सेवाएं सीमित हैं। छोटे शहरों के यात्रियों की बड़े शहरों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें लंबी सड़क या रेल यात्रा पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

नए एयरपोर्ट बनने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही को गति मिल सकती है।

अगले 10 साल में मजबूत होगा एविएशन नेटवर्क

केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल एयरपोर्ट की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों को एक मजबूत और प्रभावी हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। नए एयरपोर्ट, ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल और Modified UDAN जैसी योजनाओं के जरिए अगले दशक में भारत के विमानन क्षेत्र को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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