दुर्ग/ब्यूरो : भिलाई। चोरी कितनी भी सफाई से की जाए, उसके निशान कहीं न कहीं जरूर छूट जाते हैं। भिलाई के हाइटेक अस्पताल में कैशियर के पद पर कार्यरत जसविंदर सिंह पर करीब 32 लाख रुपए के गबन का आरोप सामने आया है। आरोप है कि वह अस्पताल की नगद राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखता रहा और प्रबंधन को गुमराह करने के लिए ई-मेल के जरिए रकम बैंक में जमा किए जाने की गलत जानकारी देता रहा।
भरोसे की नौकरी में लगाई सेंध
जसविंदर सिंह करीब छह साल से अस्पताल में कैशियर के पद पर काम कर रहा था। अस्पताल की रोजाना जमा होने वाली नगद राशि को बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी पर थी। आरोप है कि इसी जिम्मेदारी का फायदा उठाकर उसने रकम में हेराफेरी शुरू कर दी।
अस्पताल प्रबंधन को लंबे समय तक इसकी भनक तक नहीं लगी। बताया गया कि आरोपी बैंक में रकम जमा किए जाने की जानकारी ई-मेल के माध्यम से देता था, जिससे रिकॉर्ड में सब कुछ सामान्य नजर आता रहा।


हिसाब-किताब खंगाला तो खुलती गईं परतें
मामला तब सामने आया जब अस्पताल प्रबंधन ने वित्तीय लेन-देन और बैंक में जमा रकम का बारीकी से मिलान शुरू किया। दस्तावेजों और वास्तविक जमा राशि में अंतर सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद करीब 32 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया।
अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर स्मृति नगर चौकी पुलिस ने दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कैशियर जसविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गबन की रकम से खरीदा डेढ़ लाख का मोबाइल
पुलिस पूछताछ में गबन की रकम के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। जांच के दौरान पुलिस ने गबन की रकम से खरीदा गया करीब डेढ़ लाख रुपए कीमत का सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब गबन की शेष राशि की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। मामले में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।