गांधीनगर। गुजरात में सियासी हलचल के बीच बुधवार से विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान सरकारी विधेयकों के साथ-साथ जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सत्र से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तीन दिनों तक विधानसभा में सरकारी बिलों और जनहित के विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार सवालों के जवाब देने और जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए हमेशा तैयार है।
वहीं, मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि तीन दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में नौ विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें से करीब सात विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।
बारिश की कमी के बीच किसानों को 10 घंटे बिजली
राज्य में बारिश की कमी के चलते खेती-किसानी के लिए बिजली की मांग बढ़ गई है। ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि किसानों को अब आठ घंटे की जगह 10 घंटे बिजली देने का फैसला किया गया है। बारिश के दौरान किसानों को दो घंटे अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में बिजली की मांग बढ़ी है और कुछ जिलों में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। सरकार की ओर से चारे की कमी को दूर करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मानसून सत्र से पहले भाजपा की बैठक
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले गुजरात विधानसभा में भाजपा विधायक दल की बैठक भी हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की। इसमें गुजरात प्रभारी तरुण चुघ, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत सरकार के कैबिनेट और राज्य मंत्री मौजूद रहे।
बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर विचार-विमर्श किया गया।