गाजीपुर। सदर चकबंदी कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचे अनुसूचित जाति के व्यक्ति को लेखपाल द्वारा कमरे में बंद कर मारपीट करने और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। ग्राम सकरा निवासी अशोक कन्नौजिया ने लेखपाल सूरज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, अशोक कन्नौजिया मंगलवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे राजस्व परिषद प्रयागराज के आदेश का अनुपालन कराने के संबंध में सदर चकबंदी कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने गांव के लेखपाल सूरज से आदेश पर अमल होने की जानकारी मांगी। आरोप है कि इस दौरान लेखपाल ने उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की।
अशोक का आरोप है कि आदेश का अनुपालन कराने के लिए लेखपाल ने उनसे 40 हजार रुपये लिए थे। काम नहीं होने पर जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो लेखपाल ने चपरासी एजाज से दरवाजा बंद करने को कहा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कमरे में मौजूद सुरेश कुमार बिंद को बाहर भेजने के बाद दरवाजा बंद कर दिया गया और उन्हें डराया-धमकाया गया।
आरोप है कि इसी दौरान सहायक चकबंदी अधिकारी सदर कमरे में पहुंचे और बीच-बचाव किया। उनके जाने के बाद लेखपाल ने अशोक की जेब में रखा मोबाइल जबरन छीन लिया तथा मारपीट करते हुए धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया।
शिकायत में लेखपाल सूरज पर पूर्व में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए जाने और करीब छह माह बाद जमानत पर जेल से बाहर आने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा फर्जी कुटुंब रजिस्टर की नकल और जीवित व्यक्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में हेराफेरी के संबंध में कोतवाली थाने में एफआईआर संख्या 0637/2025 दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।