मुंबई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मुंबई में आयोजित जेपीमॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस के 11वें संस्करण के दौरान जेपीमॉर्गन चेस एंड कंपनी के चेयरमैन और सीईओ जेमी डिमोन से मुलाकात की। इस दौरान भारत की आर्थिक संभावनाओं और निवेश के अवसरों को लेकर चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन के दौरान जेमी डिमोन ने वित्त मंत्री से बातचीत की। सम्मेलन में निवेशकों, नीति निर्माताओं और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने भारत की अर्थव्यवस्था, निवेश संभावनाओं और बाजार से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही जेपीमॉर्गन के एशिया इकोनॉमिक्स प्रमुख सज्जिद चिनॉय के साथ विशेष संवाद सत्र में भी हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि सम्मेलन में उन्होंने निवेशकों और प्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश परिदृश्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
इस मुलाकात के बीच जेपीमॉर्गन की हालिया रिपोर्ट भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, कर सुधारों और नियामकीय उपायों ने भारतीय इक्विटी बाजार को घरेलू निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाया है। रिपोर्ट में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स, डेट म्यूचुअल फंड और कुछ बीमा उत्पादों से जुड़े कर बदलावों का भी उल्लेख किया गया है।
जेपीमॉर्गन के अनुसार, सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए बढ़ती भागीदारी ने घरेलू बचत को वित्तीय परिसंपत्तियों की ओर मोड़ने में भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बावजूद घरेलू निवेशक भारतीय बाजारों को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण ताकत बने हैं। खुदरा निवेशकों की लगातार भागीदारी को भारत के निवेश व्यवहार में हो रहे संरचनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा गया है।