दुर्ग। छात्राओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की ओर से शासकीय प्री/पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कानून को छात्राओं की रोजमर्रा की जिंदगी, शिक्षा, डिजिटल सुरक्षा और करियर से जोड़कर समझाया गया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग से व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अंजली सिंह एवं महिमा शर्मा तथा व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी सुश्री आरती ध्रुव और सुश्री प्रियंका गोस्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। न्यायाधीशों ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए उनके सवालों का सरल भाषा में जवाब दिया।
NALSA SHIKSHA SCHEME 2026 की दी जानकारी
शिविर में NALSA SHIKSHA SCHEME, 2026 और Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 के प्रावधानों पर विशेष जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि योजना का उद्देश्य पात्र बच्चों को निजी गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG), प्रवासी एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों वाले परिवारों तथा दिव्यांग बच्चों (CWD) के लिए उपलब्ध प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र बच्चों की पहचान, पात्रता की जांच, जरूरी दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन आवेदन, विद्यालय चयन, आवेदन की स्थिति और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े चरणों को समझाया गया।
PLV करेंगे परिवारों की मदद
शिविर में बताया गया कि योजना के क्रियान्वयन में पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLVs) की अहम भूमिका रहेगी। PLVs पात्र परिवारों को योजना की जानकारी देने के साथ दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन आवेदन, विद्यालय चयन और आवेदन की स्थिति जानने में सहयोग करेंगे। डिजिटल सुविधाओं या जानकारी से वंचित परिवारों तक पहुंच बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

सालभर चलेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में बताया गया कि विधिक जागरूकता गतिविधियों को केवल प्रवेश प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाएगा। गांव, वार्ड और समुदाय स्तर पर शिविर, ग्राम सभा, पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और विधिक सहायता क्लीनिक के माध्यम से पूरे वर्ष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले Pre-Admission Awareness Drive भी आयोजित की जाएगी।
ऑनलाइन ठगी और साइबर सुरक्षा पर भी चर्चा
डिजिटल दौर में छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों पर चर्चा करते हुए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने और संदिग्ध संदेशों व ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
करियर और भविष्य को लेकर भी मार्गदर्शन
विधिक जागरूकता के साथ छात्राओं से उनके करियर और भविष्य को लेकर भी संवाद किया गया। न्यायाधीशों ने छात्राओं को शिक्षा को भविष्य की मजबूत नींव बनाने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उपलब्ध अवसरों का सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने कानून और सामाजिक विषयों से जुड़े कई सवाल न्यायाधीशों के सामने रखे। न्यायाधीशों ने उनके प्रश्नों का सरल और सहज भाषा में उत्तर देते हुए मार्गदर्शन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह कार्यक्रम छात्राओं को अधिकारों, जिम्मेदारियों, साइबर सुरक्षा और भविष्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।