पेंशन बंद किए जाने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों में आक्रोश, आदेश वापस लेने की मांग

भिलाई, सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पेंशन बंद किए जाने को लेकर अनुदानित शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है। कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई के अनुदानित शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि उच्च शिक्षा विभाग ने मंत्रिपरिषद के निर्णय की गलत व्याख्या करते हुए सैकड़ों सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पहले से मिल रही पेंशन से भी वंचित कर दिया है।

सेवानिवृत्त प्राध्यापक संघ के प्रो. डीएन शर्मा और डॉ. आरपी अग्रवाल तथा अनुदानित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा और सचिव डॉ. अनुराग पांडेय ने कहा कि मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया प्रस्ताव शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के पेंशनरों को उनके सेवानिवृत्ति वाले वेतनमान के अनुरूप पेंशन एवं उपदान देने से संबंधित था। संघ के मुताबिक मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव को नियमों में प्रावधान नहीं होने और लोकहित में न होने के आधार पर अमान्य किया था।

संघ का कहना है कि मंत्रिपरिषद के निर्णय में पहले से स्वीकृत और वर्षों से दी जा रही पेंशन को बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 1 सितंबर 2026 और 11 सितंबर 2026 को जारी आदेशों के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वर्तमान पेंशन रोक दी गई। संघ ने यह भी दावा किया कि कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन तथा ग्रेच्युटी की पात्रता भी समाप्त कर दी गई है।

करीब 37 वर्षों से मिल रही है पेंशन

संघ के अनुसार अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन की ओर से करीब 37 वर्षों से पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ मिलता रहा है। संघ ने बताया कि 26 अक्टूबर 2010 के शासनादेश के अनुसार पांचवें वेतनमान के आधार पर पेंशन और चौथे वेतनमान के आधार पर ग्रेच्युटी दी जाती रही है।

संघ का कहना है कि शिक्षकों की मांग केवल इतनी है कि जिस वेतनमान में कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, उसी के अनुरूप उनकी पेंशन निर्धारित की जाए। संघ ने सरकार से इस मामले पर न्यायपूर्ण और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से विचार करने की अपील की है।

जुलाई-अगस्त की पेंशन लंबित होने का दावा

शिक्षक संघ ने कहा कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। वृद्धावस्था में चिकित्सा, दवाइयों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए कई सेवानिवृत्त कर्मचारी इसी राशि पर निर्भर हैं। संघ के अनुसार जुलाई और अगस्त 2026 की पेंशन का भुगतान लंबित है, जबकि सितंबर से पेंशन बंद होने की स्थिति ने प्रभावित कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी कर दी है।

आदेश वापस लेने और पेंशन बहाल करने की मांग

अनुदानित शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने राज्य शासन से 1 सितंबर और 11 सितंबर 2026 के आदेशों को वापस लेने तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पूर्ववत पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही जुलाई और अगस्त सहित सभी लंबित पेंशन का भुगतान करने तथा कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी की पात्रता पूर्ववत सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

संघ ने मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पेंशन जल्द बहाल नहीं की गई, तो प्रभावित शिक्षक और कर्मचारी लोकतांत्रिक आंदोलन के साथ उपलब्ध वैधानिक उपायों का सहारा लेने के लिए मजबूर होंगे।

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