नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग ने Form-6 को लेकर अहम बदलाव किया है। आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा (Declaration) हटा दी है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव 30 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है।
अब सामान्य Form-6 से होगा पंजीकरण
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां नए मतदाताओं को अब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित वैधानिक Form-6 ही भरना होगा। संबंधित पोर्टल पर अतिरिक्त SIR घोषणा को हटा दिया गया है। यह बदलाव ECINET पोर्टल के साथ संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पोर्टल पर भी किया गया है।
SIR वाले राज्यों में अतिरिक्त घोषणा जारी
हालांकि, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां Form-6 के साथ जुड़ी अतिरिक्त घोषणा फिलहाल उपलब्ध रहेगी। ऐसे मामलों में नए मतदाता को SIR से संबंधित निर्धारित जानकारी देनी होगी। चुनाव आयोग की पहले की प्रक्रिया के अनुसार, SIR के दौरान नए मतदाताओं के लिए Form-6 के साथ निर्धारित घोषणा का इस्तेमाल किया गया है।
Form-6 को लेकर सामने आए थे मतभेद
यह बदलाव ऐसे समय आया है जब Form-6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से इस अतिरिक्त घोषणा को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं। वहीं आयोग की ओर से यह रुख सामने आया कि मूल वैधानिक Form-6 में बदलाव नहीं किया गया था, बल्कि SIR की अवधि के दौरान अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था की गई थी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
SIR पूरा होने वाले राज्यों में Form-6 की प्रक्रिया अब सामान्य वैधानिक प्रारूप पर लौट गई है। वहीं जिन राज्यों में पुनरीक्षण अभी जारी है, वहां SIR से जुड़ी अतिरिक्त प्रक्रिया बनी रहेगी। इससे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वालों के लिए यह स्पष्ट हो गया है कि Form-6 की प्रक्रिया राज्य में SIR की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।