नई दिल्ली। सितंबर खत्म होने के साथ ही अक्टूबर की शुरुआत कई अहम बदलावों के साथ होने जा रही है। 1 अक्टूबर 2026 से रसोई गैस, बैंकिंग सेवाओं, बल्क एफडी और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों से जुड़े कई बदलाव प्रभावी होने हैं। इनका असर आम लोगों के घरेलू बजट, बैंकिंग और त्योहारी खरीदारी पर पड़ सकता है।
1. LPG के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी
घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़ा नियम 1 अक्टूबर से लागू हो रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, उपभोक्ता डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम या संबंधित सरकारी तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य सब्सिडी और LPG वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।
इसके अलावा हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा भी करती हैं। इसलिए अक्टूबर की शुरुआत में घरेलू गैस की कीमतों में किसी बदलाव पर भी उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।
2. हवाई ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर टिकट पर
हर महीने की शुरुआत में एयर टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ATF की लागत एयरलाइंस के संचालन खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कीमत में बदलाव होने पर इसका असर एयरलाइंस के किराए और परिचालन लागत पर पड़ सकता है। ऐसे में त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।
3. SBI ATM से निकासी पर लागू होंगे शुल्क
SBI के कुछ खाताधारकों के लिए ATM से मुफ्त नकद निकासी की सीमा के बाद अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, BSBD खातों में निर्धारित मुफ्त निकासी सीमा पार करने पर शुल्क देना पड़ सकता है, जबकि सैलरी अकाउंट से जुड़े ग्राहकों के लिए भी मुफ्त ATM लेनदेन की सीमा में बदलाव की जानकारी सामने आई है।
इसलिए SBI ग्राहक अपने खाते के प्रकार और लागू शुल्क की जानकारी बैंक की आधिकारिक शर्तों में जरूर जांच लें।
4. AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन हो सकते हैं महंगे
त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी अक्टूबर की शुरुआत महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई कंपनियां AC, LED TV, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं।
कंपनियों ने इसके पीछे तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और क्रूड ऑयल से जुड़े कच्चे माल की बढ़ती लागत, फ्रेट चार्ज और अन्य लागत दबावों को कारण बताया है। हालांकि, कुछ दुकानदारों के पास पुराने स्टॉक होने के कारण ग्राहकों को कुछ समय तक पुराने दामों पर सामान मिलने की संभावना भी बताई गई है।
5. Bulk FD के नियमों में बदलाव
1 अक्टूबर 2026 से RBI के नए नियमों के तहत बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े ब्याज दरों और उनके सार्वजनिक खुलासे की व्यवस्था में बदलाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा गया है और बैंकों को संबंधित ब्याज दरों की जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक करनी होगी। समान प्रकार की FD के लिए अलग-अलग शाखाओं में अलग दर देने की व्यवस्था पर भी नए नियम लागू होंगे।
इन बदलावों में खासतौर पर बड़े जमाकर्ताओं और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।