जंतर-मंतर पहुंची AAP, SIR के खिलाफ प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता हिरासत में

नई दिल्ली। मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर दिल्ली में शुक्रवार को राजनीतिक प्रदर्शन हुआ। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन की नहीं मिली थी अनुमति

दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद AAP नेताओं और विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन स्थल की ओर पहुंचे। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाते हुए बैरिकेडिंग की।

सौरभ भारद्वाज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही

हिरासत में लिए जाने से पहले सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी और वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती है। बाद में उन्हें पुलिस ने जंतर-मंतर से हिरासत में ले लिया।

SIR को लेकर प्रदर्शनकारियों के क्या आरोप?

AAP और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों ने SIR के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

हालांकि, ये प्रदर्शनकारी संगठनों के आरोप और राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से SIR और उससे जुड़े फैसलों को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं।

500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में

रिपोर्टों के मुताबिक, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें AAP नेताओं के अलावा छात्र संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े लोग भी शामिल थे। कुछ रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 700 तक बताई गई है।

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मध्य दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास भी अस्थायी रूप से बंद किया गया।

SIR को लेकर चल रहा यह विवाद अब प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद और चर्चा में आ गया है। मामले में अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से अपने-अपने दावे सामने रखे जा रहे हैं।

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