शिमला। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में डाक और पार्सल पहुंचाना अब पहले से आसान हो सकता है। भारतीय डाक विभाग (India Post) ने राज्य में ड्रोन के जरिए डाक पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके तहत कुल 110 मार्गों पर ड्रोन से डिलीवरी की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इनमें से 36 मार्गों पर यह सेवा शुरू हो चुकी है। इस पहल का उद्देश्य दूर-दराज के गांवों तक डाक पहुंचाने में लगने वाला समय कम करना और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
घंटों का सफर मिनटों में पूरा करने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश के कई गांव पहाड़ों के बीच स्थित हैं, जहां तक पहुंचने के लिए डाक कर्मचारियों को घुमावदार सड़कों और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़क मार्ग से डाक पहुंचाने में काफी समय लगता है।
ऐसे क्षेत्रों में ड्रोन डिलीवरी एक उपयोगी विकल्प बन सकती है। ड्रोन के माध्यम से एक डाकघर से दूसरे डाकघर तक चिट्ठियां और पार्सल सीधे हवाई मार्ग से भेजे जा सकेंगे। इससे सड़क मार्ग की दूरी कम करने और डिलीवरी प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल सकती है।
डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डाक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाना है। हालांकि, वास्तविक समय की बचत मार्ग, मौसम और ड्रोन संचालन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
तिरंगे की डिलीवरी से हुई थी शुरुआत
हिमाचल प्रदेश में ड्रोन से डाक पहुंचाने की शुरुआत 13 अगस्त 2026 को हुई थी। इस दौरान मंडी के मुख्य डाकघर से रेहरधार शाखा डाकघर तक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ड्रोन के माध्यम से पहुंचाया गया था। इसके बाद इस तकनीक के इस्तेमाल को अन्य मार्गों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई।
हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने विश्व डाक दिवस के अवसर पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य में 36 मार्गों पर ड्रोन से डाक पहुंचाई जा रही है। विभाग का लक्ष्य इस व्यवस्था को कुल 110 मार्गों तक विस्तारित करना है।
चिट्ठियों के साथ पार्सल पहुंचाने में भी मिलेगी मदद
ड्रोन डिलीवरी से केवल चिट्ठियां ही नहीं, बल्कि पार्सल के परिवहन में भी मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर उन इलाकों में इसका फायदा हो सकता है, जहां खराब सड़कें, लंबी दूरी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां डाक वितरण में बाधा बनती हैं।
इस तकनीक से डाक विभाग को परिवहन के वैकल्पिक साधन मिलेंगे और दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
डाक सेवाओं में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
India Post की यह पहल पारंपरिक डाक व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि ड्रोन डिलीवरी का विस्तार सफल रहता है, तो हिमाचल प्रदेश के दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों को चिट्ठियों और पार्सल के लिए कम इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि, इस सेवा की प्रभावशीलता मौसम, ड्रोन की क्षमता, उड़ान की अनुमति और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल 36 मार्गों पर शुरू हुई यह व्यवस्था 110 मार्गों तक पहुंचाने की योजना के साथ आगे बढ़ रही है।