चाय-कॉफी पीने से किडनी पर पड़ सकता है असर? जानें किन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी

डेस्क। सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से करना कई लोगों की आदत होती है। थकान दूर करने और ताजगी महसूस करने के लिए लोग दिनभर में कई बार इनका सेवन करते हैं। हालांकि, चाय-कॉफी की मात्रा, इन्हें बनाने का तरीका और व्यक्ति की सेहत यह तय करती है कि इनका शरीर पर क्या असर पड़ेगा। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को कैफीन के सेवन को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

कैफीन का किडनी पर क्या असर होता है?

चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन का हल्का मूत्रवर्धक प्रभाव होता है। यानी इससे कुछ समय के लिए पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है। हालांकि, स्वस्थ लोगों में सीमित मात्रा में चाय-कॉफी पीने से आमतौर पर डिहाइड्रेशन नहीं होता और न ही इससे सीधे किडनी खराब होने का खतरा माना जाता है।

लेकिन अधिक मात्रा में कैफीन लेने से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित न रहने पर किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

1. हाई ब्लड प्रेशर के मरीज: अधिक कैफीन कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। ऐसे लोगों को चाय-कॉफी की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।

2. किडनी की बीमारी से पीड़ित लोग: इन मरीजों की खान-पान संबंधी जरूरतें बीमारी की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही कैफीन का सेवन तय करना बेहतर है।

3. किडनी में पथरी की समस्या वाले लोग: चाय में ऑक्सालेट पाया जाता है। कुछ लोगों में अधिक ऑक्सालेट का सेवन कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी बनने का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका खतरा व्यक्ति की डाइट, पानी के सेवन और पहले पथरी होने के इतिहास पर भी निर्भर करता है।

4. डायबिटीज के मरीज: डायबिटीज किडनी की बीमारी का एक प्रमुख जोखिम कारक है। चाय-कॉफी में ज्यादा चीनी, फ्लेवर्ड सिरप या मीठी क्रीम मिलाने से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ती है। इसलिए इनका सेवन सीमित रखना और ब्लड शुगर नियंत्रित रखना जरूरी है।

रोजाना कितनी चाय-कॉफी पीना सुरक्षित है?

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन आमतौर पर नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा नहीं होता। हालांकि, यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है। चाय और कॉफी में कैफीन की मात्रा उनके प्रकार, कप के आकार और बनाने के तरीके के अनुसार अलग-अलग होती है।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना, नमक और चीनी का सेवन नियंत्रित रखना तथा ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर पर नजर रखना जरूरी है। यदि पहले से किडनी की बीमारी या पथरी की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही चाय-कॉफी की उचित मात्रा तय करें।

ध्यान दें: चाय-कॉफी का सीमित सेवन अपने आप किडनी खराब नहीं करता। समस्या मुख्य रूप से अत्यधिक कैफीन, व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति और उससे जुड़े जोखिमों के कारण हो सकती है।

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