नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश व्यापार समझौते के काफी करीब हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह करार पहले हुए व्यापार समझौतों से काफी अलग होगा। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मार्को रुबियो के भारत दौरे के बीच आया बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं। उनके दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है।
इससे पहले इसी महीने भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी। इस बैठक में भी व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।
फरवरी में बनी थी समझौते के पहले चरण की रूपरेखा
भारत और अमेरिका ने इसी साल फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा तैयार करने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका के टैरिफ ढांचे में बदलाव के बाद समझौते को लेकर बातचीत फिर से शुरू हुई।
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाना है। हालांकि, करार की शर्तों, समयसीमा और अंतिम स्वरूप को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ट्रेड डील पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
ट्रंप के बयान के बाद भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि व्यापार समझौते को लेकर भारत सरकार की ओर से स्पष्ट बयान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच बातचीत पर सबकी नजरें टिकी हैं। ट्रंप के बयान से समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन अंतिम करार कब होगा और उसकी शर्तें क्या होंगी, इस पर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है।