नई दिल्ली। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर उपवास रखने वाली महिलाओं का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। करवाचौथ की रात चंद्रमा के दर्शन होते ही सुहागिनों ने पूजा-अर्चना कर अपना व्रत पूरा किया। देश के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के बाद घरों में उत्साह और उल्लास का माहौल नजर आया।
करवाचौथ को लेकर सुबह से ही महिलाओं में खासा उत्साह रहा। पारंपरिक परिधानों और सोलह शृंगार से सजी महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की। शाम होते ही महिलाओं ने करवाचौथ की कथा सुनी और चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा करने लगीं। दिल्ली सहित पटना, बेंगलुरु और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी महिलाओं को चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार रहा।
चंद्रमा दिखाई देने के बाद महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित कर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कई महिलाओं ने छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखा। इसके बाद पतियों ने पानी पिलाकर उनका व्रत खुलवाया। दिनभर के उपवास के बाद इस खास पल ने पति-पत्नी के बीच प्रेम और अपनत्व को और गहरा किया।
बाजारों में भी दिखी पर्व की रौनक
करवाचौथ के अवसर पर बाजारों में भी चहल-पहल बनी रही। मेहंदी, चूड़ियों, साड़ियों, सौंदर्य प्रसाधनों और पूजा सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की आवाजाही देखने को मिली। घरों में पकवानों की तैयारी और पूजा की व्यवस्थाओं के बीच त्योहार की रौनक बनी रही।
करवाचौथ भारतीय परंपरा में दांपत्य प्रेम, विश्वास और समर्पण से जुड़ा पर्व है। चंद्रमा के दर्शन के साथ ही महिलाओं का दिनभर का इंतजार समाप्त हुआ और परिवारों में खुशियों का माहौल छा गया।