मिडिल क्लास की जेब पर मार! अब 8 रुपये महंगा मिलेगा दूध, सरकार की मंजूरी

बेंगलुरु। महंगाई के बीच कर्नाटक सरकार ने दूध उत्पादकों को राहत देने के लिए दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। राज्य कैबिनेट ने दूध के खरीद मूल्य में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी। इस फैसले से राज्य के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्य के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ाई गई राशि में से 7 रुपये प्रति लीटर सीधे किसानों को मिलेंगे, जबकि 1 रुपया दुग्ध सहकारी समितियों को दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत और लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

किसानों ने की थी 10 रुपये बढ़ोतरी की मांग

दूध उत्पादन पर बढ़ते खर्च और अपेक्षाकृत कम आमदनी को लेकर किसान खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में दुग्ध सहकारी समितियों ने भी मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों के समक्ष अपनी बात रखी थी। समितियों की ओर से दूध के खरीद मूल्य में 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, कैबिनेट ने विचार-विमर्श के बाद 8 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी।

प्रोत्साहन राशि सहित 47 रुपये मिलेंगे

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में किसानों को दूध के लिए करीब 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार 5 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि भी देती है।

नई व्यवस्था के तहत खरीद मूल्य में 7 रुपये की वृद्धि होने से किसानों को 42 रुपये प्रति लीटर मिलने लगेंगे। इसमें सरकार की 5 रुपये की प्रोत्साहन राशि जोड़ने पर किसानों को कुल 47 रुपये प्रति लीटर प्राप्त होंगे।

डेयरी क्षेत्र को मिलेगी राहत

सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से दुग्ध उत्पादन से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। बढ़ती लागत के बीच किसानों को अतिरिक्त राशि मिलने से पशुपालन और दूध उत्पादन से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

1 नवंबर से नई दरें लागू होने के बाद इस फैसले का लाभ किसानों तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, दूध की खरीद कीमत में हुई बढ़ोतरी का उपभोक्ताओं को मिलने वाले दूध के खुदरा मूल्य पर क्या असर पड़ेगा, यह अलग विषय है। खरीद मूल्य में वृद्धि और ग्राहकों के लिए बिक्री मूल्य में वृद्धि को एक समान नहीं माना जाना चाहिए।

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