लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज से रोजगार की नई सौगात शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘रोजगार महाकुंभ 2025’ का शुभारंभ किया। यह तीन दिवसीय महोत्सव 26 अगस्त से 28 अगस्त तक आयोजित होगा, जिसमें देश और विदेश की 100 से अधिक नामी कंपनियां 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।
सीएम योगी का संकल्प: हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश में रोजगार और कौशल क्रांति का नया अध्याय साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का हर युवा आत्मनिर्भर बने और औद्योगिक विकास के साथ सीधे जुड़ सके।
देश-विदेश की नामी कंपनियों का जमावड़ा
- ‘रोजगार महाकुंभ 2025’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तकनीकी, ई-कॉमर्स, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनियां शामिल हुई हैं।
- टेक कंपनियां: Microsoft, Intel और Wadhwani AI जैसी दिग्गज कंपनियां युवाओं को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हार्डवेयर डिजाइन में अवसर देंगी।
- ई-कॉमर्स सेक्टर: Flipkart और Amazon Web Services (AWS) जैसी कंपनियों से युवाओं को सप्लाई चेन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स और डेटा एनालिटिक्स में रोजगार मिलेगा।
- मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल: Mahindra जैसी कंपनियां मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को मौके देंगी।
- बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं: प्रमुख वित्तीय संस्थान भी इस आयोजन का हिस्सा हैं।
रोजगार के साथ संवाद का अवसर
इस आयोजन में केवल नौकरी ही नहीं बल्कि सीधे संवाद का मंच भी तैयार किया गया है। ‘रोजगार कॉन्क्लेव’ के तहत नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ युवाओं की सीधी बातचीत होगी। साथ ही कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित कर रही हैं।
प्रदर्शनी पवेलियन में दिखेगी यूपी की प्रगति
इस आयोजन में लगे प्रदर्शनी पवेलियन के जरिए युवाओं को राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, कौशल विकास मॉडल और प्रदेश की प्रगति की झलक भी मिलेगी।