बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति इन दिनों गर्माई हुई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के विधानसभा में आरएसएस का गीत गाने से सियासी तूफान खड़ा हो गया है। मामला इतना बढ़ा कि शिवकुमार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। वहीं, जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘चूहा’ और ‘डरपोक’ तक कह डाला।
माफी और विवाद की पृष्ठभूमि
विधानसभा में दिए गए बयान के बाद शिवकुमार पर आरएसएस समर्थक होने के आरोप लगे। विरोध बढ़ता देख उन्होंने सफाई दी और कहा, “अगर मेरे शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं माफी मांगता हूं। मैं जन्म-जन्मांतर तक कांग्रेसी रहूंगा।” उनका यह बयान साफ तौर पर पार्टी आलाकमान को संदेश देने वाला माना जा रहा है।
JDS का बड़ा हमला
शिवकुमार की माफी पर जेडीएस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कन्नड़ में किए गए एक ट्वीट में पार्टी ने लिखा—
“विधानसभा में शेर, लेकिन आलाकमान के सामने चूहा। बर्खास्तगी के डर से डीके शिवकुमार ने झुककर माफी मांगी है।”
जेडीएस ने कांग्रेस पर जातिगत और सत्ता संघर्ष के आरोप भी लगाए। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस दलित नेताओं को बिना मौका दिए हटा देती है, जबकि ताकतवर नेताओं को माफी मांगकर बच निकलने का रास्ता मिल जाता है।
कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं
विश्लेषकों का मानना है कि शिवकुमार का यह कदम कांग्रेस के अंदरूनी खींचतान का हिस्सा है। वह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के कदम उठा सकते हैं। विपक्षी दल इसे कांग्रेस की कमजोरी बताकर भुनाने में जुट गए हैं।
सियासी असर
जेडीएस का ‘चूहा’ वाला बयान शिवकुमार की सख्त और जुझारू नेता वाली छवि पर चोट माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान उनके समर्थन में किस हद तक खड़ा होता है और शिवकुमार इस विवाद से अपनी राजनीतिक स्थिति को कैसे बचाते हैं।
फिलहाल, इतना तय है कि कर्नाटक की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक उथल-पुथल देखने वाली है।