नई दिल्ली। सरकारी नौकरियों के नाम पर देशभर में चल रहे बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह से ही सघन कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और केरल के 15 शहरों में एक साथ छापेमारी कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की।
ED के अनुसार यह गिरोह भारतीय रेलवे, डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, पीडब्ल्यूडी और राज्य सचिवालय जैसे कई सरकारी संस्थानों में भर्ती दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठग रहा था। गिरोह ने फर्जी नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर और आधिकारिक दिखने वाली ईमेल आईडी बनाकर अपने शिकारों का विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में 2–3 महीने तक बैंक खातों में ‘सैलरी’ भी भेजी, जिससे लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते थे।
ईडी की टीमों ने उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, इलाहाबाद और लखनऊ में तलाशी अभियान चलाया। बिहार में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के कई ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा कोलकाता, चेन्नई, राजकोट और केरल के चार शहरों में भी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन केवल फर्जी नियुक्तियों का भंडाफोड़ नहीं बल्कि पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने और मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए किया जा रहा है। ED ने बताया कि जांच से अब तक करोड़ों रुपये के लेन-देन और फर्जी नियुक्तियों की बड़ी योजना का खुलासा हुआ है।
यह मामला राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए चेतावनी भी माना जा रहा है।