कांकेर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में एक बार फिर सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में डिमाइनिंग अभियान के दौरान हुए शक्तिशाली आईईडी विस्फोट में District Reserve Guard (DRG) के पांच जवान शहीद हो गए, जिससे पूरे बस्तर संभाग में शोक की लहर फैल गई है।
यह घटना 2 मई को कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास उस समय हुई, जब सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के साथ-साथ जमीन में दबे विस्फोटकों को खोजकर निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटे थे। इसी दौरान जवानों को एक संदिग्ध आईईडी दिखाई दिया। जैसे ही उसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू की गई, अचानक जोरदार धमाका हो गया।
विस्फोट इतना तीव्र था कि कई जवान इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी भी जान नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे में कुल पांच जवानों की शहादत ने सुरक्षा तंत्र को गहरा आघात पहुंचाया है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक Sundarraj P ने बताया कि पिछले कुछ समय से आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली सूचनाओं के आधार पर बड़ी संख्या में आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया गया है। इसके बावजूद नक्सल प्रभावित जंगलों में अब भी कई स्थानों पर विस्फोटक छिपे होने की आशंका बनी हुई है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि ऐसे खतरों को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके।