रायपुर। राजधानी रायपुर में लिफ्ट संचालन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। लगातार सामने आ रही तकनीकी खराबियों, यात्रियों के लिफ्ट में फंसने की घटनाओं और मेंटेनेंस में लापरवाही को देखते हुए मुख्य विद्युत निरीक्षक (विद्युत सुरक्षा) विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसका उद्देश्य सरकारी, निजी और व्यावसायिक भवनों में लिफ्ट संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी भवन संचालकों और संस्थानों को नए सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। नई गाइडलाइन के तहत प्रत्येक संस्था या भवन प्रबंधन को एक समर्पित तकनीकी टीम नियुक्त करनी होगी, जो लिफ्ट के नियमित रखरखाव, संचालन और तकनीकी खराबियों के त्वरित समाधान की जिम्मेदारी संभालेगी।
नई व्यवस्था में लिफ्ट में लगे ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) की हर सप्ताह जांच अनिवार्य कर दी गई है। यह सिस्टम बिजली बंद होने की स्थिति में लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करता है। विभाग का मानना है कि नियमित जांच से आपात स्थिति में उपकरण के सही तरीके से काम करने की सुनिश्चितता होगी।
गाइडलाइन के अनुसार अब बिजली गुल होने पर लिफ्ट स्वतः ही नजदीकी मंजिल तक पहुंचकर अपने दरवाजे खोल देगी। इससे यात्रियों के अंदर फंसने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा और सुरक्षित निकासी संभव हो सकेगी।
इसके अलावा लिफ्ट के भीतर लगी लाइट और पंखों को हमेशा चालू हालत में रखना भी अनिवार्य किया गया है। किसी भी खराबी की स्थिति में उसे तत्काल ठीक कराने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी।
प्रशासन ने सभी इमारतों में बैकअप पावर सिस्टम रखना भी जरूरी कर दिया है, ताकि बिजली बाधित होने पर भी लिफ्ट सुरक्षित रूप से संचालित होती रहे। विभाग का कहना है कि इन नियमों के पालन से लिफ्ट दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।