नई दिल्ली। लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल और संदिग्ध फोन नंबरों की समस्या पर अब टेलीकॉम कंपनियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ताओं की शिकायत का इंतजार किए बिना अपने AI आधारित सिस्टम से चिन्हित किए गए संदिग्ध नंबरों की जांच कर कार्रवाई करें।
TRAI की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, टेलीकॉम ऑपरेटरों को स्पैम कॉल की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। यदि किसी इनकमिंग कॉल को सिस्टम ‘सस्पेक्टेड स्पैम’ के तौर पर चिन्हित करता है, तो संबंधित कंपनी को दो घंटे के भीतर उस कॉल से जुड़े विवरण साझा करने होंगे।
नए निर्देशों के तहत स्पैम कॉल करने वाले व्यक्ति या संस्था का दोबारा KYC सत्यापन भी किया जाएगा। यदि जांच में सामने आता है कि पिछले 10 दिनों के दौरान एक ही सेंडर से जुड़े पांच या उससे अधिक CLI (Calling Line Identification) की पहचान हुई है, तो संबंधित सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।
क्या है CLI?
CLI यानी Calling Line Identification वह मूल फोन नंबर होता है, जिससे कॉल की जाती है और जिसे नेटवर्क के जरिए आगे भेजा जाता है। इसी जानकारी के आधार पर संदिग्ध कॉलिंग गतिविधियों की पहचान की जाएगी।
TRAI के निर्देशों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फोन कनेक्शन को बंद किया जा सकता है। इसके अलावा मामले की जानकारी संबंधित सरकारी एजेंसियों को भी दी जा सकती है।
टेलीकॉम कंपनियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने सिस्टम में एक दिन के भीतर यह जांच पूरी करें कि पिछले 10 दिनों में उनके नेटवर्क पर किसी संदिग्ध स्पैमर से जुड़े अन्य कनेक्शन तो सक्रिय नहीं हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्पैम कॉल करने वालों के एक से अधिक नंबरों के जरिए लगातार कॉल करने की गतिविधियों पर रोक लगाने और संदिग्ध कनेक्शनों पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।