कुवैत सिटी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बहरीन में सायरन बजाकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई, जबकि जॉर्डन ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है।
कुवैत की सेना ने सोमवार को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली देश के एयरस्पेस में दुश्मन के हवाई लक्ष्यों का सामना कर रही है। सेना ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दें तो वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का हिस्सा हो सकती हैं।
वहीं, बहरीन के गृह मंत्रालय ने सायरन बजने की पुष्टि करते हुए नागरिकों और प्रवासियों से शांत रहने तथा नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। दूसरी ओर, जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की चार मिसाइलों सहित कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन स्थित ईसा एयर बेस और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस सहित क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी का कहना है कि कुवैत में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों, ईंधन भंडारण केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य सैन्य संसाधनों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ईरान के खिलाफ हालिया अभियान में पहली बार वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस्तेमाल किए गए ड्रोन की संख्या या उनके तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।
लगातार बढ़ते सैन्य घटनाक्रम के बीच पूरे खाड़ी क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह जारी रहा तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।