दुर्ग, 22 अगस्त। जिला दुर्ग की न्यायिक व्यवस्था के लिए शनिवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन एवं फाउंडेशन स्टोन लेइंग सेरेमनी की। इस अवसर पर न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ डिजिटल न्यायिक सेवाओं और सामुदायिक मध्यस्थता से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधिपति के साथ न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, श्री विभु दत्त गुरु एवं श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर के विकास पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने विधिवत भूमिपूजन कर नवीन भवन की आधारशिला रखी। प्रस्तावित भवन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और न्यायार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।




संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार पुस्तक ‘संधि सेतु’ का मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने विमोचन किया। पुस्तक का उद्देश्य संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर विवादों के समाधान की अवधारणा को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी दस्तावेजीकृत किया गया है।
डिजिटल न्याय को मिला नया आयाम
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ एवं वीडियो प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें कैशलेस फाइन पेमेंट सुविधा, AFR मोबाइल एप्लीकेशन (Android) और कोर्ट फीस टिकट जनरेशन सिस्टम प्रमुख रहे।
इन पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाना तथा नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को न्यायालयीन सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्ध कराना है।
न्याय को सरल और जनसुलभ बनाने पर जोर
मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था की सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और आमजन के निकट हो। उन्होंने डिजिटल न्यायिक सेवाओं और सामुदायिक मध्यस्थता जैसी पहलों की सराहना की।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, जिला न्यायपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का ने आभार व्यक्त किया। जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग ने भी मुख्य न्यायाधिपति का आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया। दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों ने भी मुख्य न्यायाधिपति का अभिनंदन किया।
नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, ‘संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन और डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ दुर्ग की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।