कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये की राशि के लेन-देन पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17(1-ए) के तहत की गई है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जारी आदेश के तहत तीन निजी बैंक खातों से किसी भी प्रकार के डेबिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई है। एजेंसी का कहना है कि यह कदम कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन की जांच के मद्देनजर उठाया गया है।
जांच के सिलसिले में ईडी ने मंगलवार को कोलकाता में पांच स्थानों पर छापेमारी भी की। इनमें केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज के कार्यालय शामिल हैं। यह समूह केयरवेल एविएशन के नाम से निजी विमान किराये पर उपलब्ध कराने का कारोबार भी संचालित करता है। कंपनी की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर किए गए। एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों ने आगे 82.96 करोड़ रुपये एक नवगठित कंपनी के खातों में स्थानांतरित किए, जहां संदिग्ध वित्तीय लेन-देन दर्ज किए गए।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि इस धनराशि में से लगभग 112 करोड़ रुपये का उपयोग एम्ब्रेयर लेगेसी-600 बिजनेस जेट और अगस्ता वेस्टलैंड AW109SP हेलीकॉप्टर की खरीद में किया गया। ईडी के अनुसार, बाद में इन विमानन परिसंपत्तियों को तृणमूल कांग्रेस के उपयोग के लिए किराये पर उपलब्ध कराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी फिलहाल टीएमसी से जुड़े कम से कम 18 बैंक खातों की जांच कर रही है। इसके अलावा केयरवेल ट्रैवल्स, विंडबोर्न एविएशन और अनीता टूर्स सहित कई कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला जून में दर्ज एक साइबर फ्रॉड शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का कुछ हिस्सा टीएमसी से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद ईडी ने PMLA के तहत जांच शुरू करते हुए संबंधित खातों के डेबिट लेन-देन पर रोक लगा दी।