बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सिविल एविएशन की कमान खुद संभालेंगे CM नीतीश

पटना। बिहार सरकार ने गठन के कुछ ही सप्ताह बाद प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप नवगठित विभागों का दायित्व मंत्रियों में बांटते हुए एक अहम प्रशासनिक निर्णय लिया है। शुक्रवार को जारी सरकारी अधिसूचना के साथ यह साफ हो गया कि शिक्षा, रोजगार और आधारभूत ढांचे से जुड़े विभागों में अब कौन मंत्री नेतृत्व करेगा।

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा को अलग पहचान दी है। इस नए विभाग की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को सौंपी गई है। अब स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े फैसले भी उन्हीं के अधीन होंगे। इससे उच्च शिक्षा से जुड़े नीतिगत निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए गठित ‘युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग’ की कमान श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को दी गई है। श्रम और कौशल विकास को एक ही छत के नीचे लाकर सरकार रोजगार सृजन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना चाहती है, ताकि युवाओं को सीधे प्रशिक्षण और नौकरी के अवसर मिल सकें।

विभागीय ढांचे में बदलाव के तहत पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के प्रभार में भी संशोधन किया गया है। ‘युवा’ से जुड़े विषयों को कला और संस्कृति से अलग कर रोजगार-कौशल विकास विभाग के साथ जोड़ा गया है, जिससे युवा नीति को करियर और रोजगार से सीधा संबंध मिल सके। वहीं, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता को नवगठित डेयरी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, ताकि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन योजनाओं को नई गति दी जा सके।

इस पूरे फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का रहा। राज्य में हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए बनाए गए नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी उन्होंने स्वयं संभाली है। इससे संकेत मिलते हैं कि बिहार में नए हवाई अड्डों, क्षेत्रीय उड़ानों और विमानन ढांचे के विकास पर मुख्यमंत्री सीधे नजर रखेंगे और इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देंगे।

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