कोलकाता : कोलकाता में लियोनल मेसी के कार्यक्रम को लेकर मचे बवाल के बाद अब राहत की खबर सामने आई है। साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित इवेंट के दौरान मेसी की एक झलक तक न मिलने से नाराज फैंस के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस और राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार ने साफ किया है कि कार्यक्रम के टिकट खरीदने वाले दर्शकों को उनकी राशि वापस की जाएगी।
प्रेस वार्ता में डीजीपी राजीव कुमार ने बताया कि आयोजन की पूर्व योजना में मेसी का मैदान में उतरकर खेलने का कोई कार्यक्रम नहीं था। तय यह था कि वे स्टेडियम में कुछ समय के लिए आकर दर्शकों का अभिवादन करेंगे और फिर लौट जाएंगे। लेकिन इस बात की जानकारी ठीक से फैंस तक नहीं पहुंच पाई, जिससे भारी नाराजगी फैल गई। मेसी के स्टेडियम से निकलते ही गुस्साए दर्शकों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
डीजीपी ने कहा कि आयोजकों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि टिकट की पूरी राशि फैंस को लौटाई जाएगी। साथ ही सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है, जो यह पता लगाएगी कि आयोजन में किस स्तर पर चूक हुई और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी निराशा जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खेल प्रेमियों से माफी मांगी और कहा कि यह कुप्रबंधन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने की घोषणा करते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।
गौरतलब है कि मेसी के कार्यक्रम के लिए कई दर्शकों ने 12 हजार रुपये तक के टिकट खरीदे थे। दूर-दराज से आए फैंस का कहना है कि वे सिर्फ अपने पसंदीदा फुटबॉलर को देखने की उम्मीद में पहुंचे थे, लेकिन निराशा हाथ लगी। मेसी के भारत दौरे में कोलकाता के अलावा हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली भी शामिल हैं। अब कोलकाता की घटना के बाद आयोजनों की व्यवस्था और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।