मध्य प्रदेश में मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इन फैसलों में किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
किसानों के लिए बड़ी राहत
सरकार ने कृषि भूमि अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर बाजार दर का 4 गुना कर दिया है। इस फैसले से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
हजारों करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सिंचाई, सड़क, पुल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 33,985 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह निवेश राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा।
युवाओं के लिए नया मौका
“मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम” के तीसरे चरण के लिए 23.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के जरिए युवाओं को विकास कार्यों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
सिंचाई परियोजनाओं पर फोकस
उज्जैन की इन्दौख-रुदाहेड़ा माइक्रो सिंचाई परियोजना को 157 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स के पुनर्वास के लिए करीब 969 करोड़ रुपये का पैकेज स्वीकृत किया गया है।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
लोक निर्माण विभाग के तहत सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के लिए 25,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
शिक्षा और छात्रों को राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 6 और 9 के छात्रों को मुफ्त साइकिल देने की योजना के लिए 990 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 5,479 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें नए मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं और अस्पतालों के उन्नयन शामिल हैं।
कुल मिलाकर, एमपी सरकार के ये फैसले किसानों, युवाओं और आम जनता के लिए बड़े बदलाव का संकेत हैं, जो राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देंगे।