नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के चलते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली मेट्रो के 17 प्रमुख स्टेशन बंद रहे। सुबह से ही कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर लगी पाबंदियों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
दिल्ली मेट्रो के अनुसार, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान सहित 17 स्टेशनों को सुबह 7:30 बजे से बंद रखा गया।
ऑटो और कैब का बढ़ा किराया
मेट्रो सेवाएं बंद होने के कारण यात्रियों को ऑटो और कैब का सहारा लेना पड़ा। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने से यूपीआई भुगतान में दिक्कत आने पर खुले पैसे का बहाना बनाकर अधिक किराया लिया जा रहा है।
दैनिक यात्री शालिनी राय ने बताया कि जहां मेट्रो से उनका रोजाना का खर्च 100 रुपये से कम आता था, वहीं अब उन्हें ऑटो या कैब से सफर करने के लिए 250 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं प्रीत विहार निवासी मानस ने बताया कि उनका 32 रुपये का मेट्रो सफर अब 220 रुपये की कैब यात्रा में बदल गया है।
बसों और सड़कों पर बढ़ा दबाव
मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोग बसों और निजी वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इससे राजधानी की प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग रहा है।
समय से पहले निकलने को मजबूर लोग
स्कूल शिक्षक राजेश सिंह और अमित कुमार सहित कई यात्रियों ने बताया कि समय पर कार्यालय और स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें पहले की तुलना में करीब डेढ़ घंटे पहले घर से निकलना पड़ रहा है। इसके बावजूद भारी ट्रैफिक और परिवहन बाधित होने के कारण कई लोगों को देर रात तक घर लौटना पड़ रहा है।
लगातार तीसरे दिन मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। यात्रियों को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे ताकि दैनिक जीवन फिर से पटरी पर लौट सके।