दुर्ग। दुर्ग पुलिस की सोशल पुलिसिंग पहल को एक नई मजबूती मिली है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 200 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया गया। बरामद मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06 दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बरामद मोबाइल फोन संबंधित नागरिकों को वितरित किए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें अपने मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी।
दुर्ग पुलिस की साइबर सेल और जिले के सभी थाना-चौकी पुलिस ने संयुक्त रूप से तकनीकी विश्लेषण और लगातार फॉलोअप कर इस सफलता को हासिल किया। पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल, तकनीकी ट्रैकिंग, दूरसंचार कंपनियों और अन्य राज्यों की पुलिस इकाइयों के सहयोग से मोबाइल फोनों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बरामद किया।



पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुम मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
दुर्ग पुलिस ने कहा कि यह अभियान केवल गुम संपत्ति की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। पारदर्शी कार्यप्रणाली और संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
इस अभियान में जिला साइबर सेल, सभी थाना और चौकी प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों तथा मोबाइल रिकवरी टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत संबंधित थाना, साइबर सेल या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही मोबाइल की सुरक्षा के लिए स्क्रीन लॉक, पासवर्ड और बायोमेट्रिक सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग अवश्य करें।