पटना। बिहार की राजधानी पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए उग्र छात्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। कोतवाली, गांधी मैदान, पाटलिपुत्र और सचिवालय थाना क्षेत्रों में अब तक कुल 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 258 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, गांधी मैदान थाना क्षेत्र से सबसे अधिक 138 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कोतवाली थाना पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हिरासत में ली गई 30 छात्राओं को निजी बांड भरवाकर रिहा कर दिया गया।
285 नामजद, 6 हजार अज्ञात पर मामला
हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 285 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि करीब 6 हजार अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
43 पुलिसकर्मी और 300 से अधिक छात्र घायल
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और लाठीचार्ज में आईजी, थानेदार, सब-इंस्पेक्टर और सिपाहियों सहित कुल 43 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं, 300 से अधिक छात्र भी चोटिल हुए, जिनमें से करीब 60 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। कई छात्रों के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि कई के हाथ-पैर टूटने की भी सूचना है।
11 वाहन क्षतिग्रस्त
उग्र प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान और कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस और आम नागरिकों के कुल 11 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसएसपी बोले- हालात सामान्य
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रमुख गिरफ्तारियां
- तेज प्रताप यादव (जनशक्ति जनता दल के संस्थापक)
- संदीप सौरभ (पालीगंज विधायक, भाकपा माले)
- शांतनु शेखर (पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष)
- धनंजय (आइसा प्रदेश अध्यक्ष)
- दीपांकर मिश्रा (आइसा महासचिव)
- दिव्यम (आइसा राज्य सचिव)
- आफरिन (आइसा नेत्री)
- मनीष यादव (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष)
- आनंद कुमार यादव (पालीगंज मुखिया संघ अध्यक्ष)