- हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सुपेला थाने पहुंचीं, पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की
भिलाई। ग्राम कोहका की जमीन के सौदे से जुड़े धोखाधड़ी के आरोपों के मामले में सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह 14 सितंबर को सुपेला थाने पहुंचीं। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने पुलिस के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण में उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की और अग्रिम जमानत के आदेश के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया ।
इस मामले में सुपेला पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद 8 मई 2026 को संगीता केतन शाह और उनके पति केतन मूलचंद शाह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत अपराध दर्ज किया था। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
50 लाख में जमीन का सौदा करने का आरोप
शिकायतकर्ता सुनील कुमार सोमेन के अनुसार, 13 मार्च 2023 को ग्राम कोहका स्थित करीब 0.10 हेक्टेयर जमीन का सौदा संगीता शाह के साथ 50 लाख रुपये में तय हुआ था। शिकायत के मुताबिक, इसके एवज में 10 लाख रुपये एडवांस दिए गए। आरोप है कि बाद में जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि बाद में जमीन से संबंधित किराए और लीज विवाद की जानकारी सामने आई, जिसकी जानकारी सौदे के समय नहीं दी गई थी।
शिकायत में इसी जमीन के दस्तावेजों के आधार पर एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड से करीब 4.50 करोड़ रुपये का ऋण लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया से होना है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद सुपेला थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत
मामले में दुर्ग जिला न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद संगीता शाह और केतन शाह ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बैंक रिकॉर्ड के आधार पर शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपये वापस किए जाने का तथ्य रखा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को अग्रिम जमानत प्रदान की।
अग्रिम जमानत का अर्थ यह है कि आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में निर्धारित शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा किया जाता है। यह आरोपों से दोषमुक्ति या मामले के समाप्त होने का आदेश नहीं होता। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहती है।
थाने में पूरी हुई गिरफ्तारी की औपचारिकता
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में संगीता शाह 14 सितंबर को सुपेला थाने पहुंचीं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की और अग्रिम जमानत के आदेश के अनुसार उन्हें रिहा कर दिया। इसलिए इसे “अग्रिम जमानत के बावजूद गिरफ्तारी” के बजाय “अग्रिम जमानत के आदेश के अनुपालन में औपचारिक गिरफ्तारी और तत्पश्चात रिहाई” कहना अधिक कानूनी रूप से सटीक होगा।
थाने पहुंचने के दौरान पत्रकारों ने संगीता शाह से मामले को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। उनके अधिवक्ता की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
सोशल मीडिया पर संगीता शाह और उनके पति की विभिन्न नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल होने की बात भी सामने आई है। संगीता शाह पूर्व विधानसभा चुनाव में वैशाली नगर सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, इन तस्वीरों का जमीन विवाद और दर्ज आपराधिक प्रकरण से कोई कानूनी संबंध है, ऐसा पुलिस या न्यायालय की ओर से नहीं कहा गया है।