यरूशलेम। गाजा शहर में रातभर हुए भीषण बम धमाकों के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तल अल-हवा इलाके में स्थित सात मंजिला रिहायशी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे में 5 मासूम बच्चों समेत कम से कम 20 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आशंका है कि मलबे के नीचे अब भी 100 से अधिक लोग फंसे हुए हैं।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में करीब 10 परिवार रह रहे थे। इमारत के ढहने के बाद चारों तरफ मलबा फैल गया। गाजा शहर की सिविल डिफेंस सर्विस के निदेशक राएड अल-दहशान ने बताया कि बचाव दल को कंक्रीट के भारी मलबे के नीचे से अब भी फंसे लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हालांकि, राहत और बचाव अभियान के सामने भारी मशीनरी, क्रेन और आधुनिक उपकरणों की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। संसाधनों के अभाव में रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद धीमी गति से चल रहा है। अपनों को जिंदा बचाने की उम्मीद में स्थानीय लोग सिविल डिफेंस की टीमों के साथ मिलकर नंगे हाथों से ईंट-पत्थर और मलबा हटाने में जुटे हुए हैं।
UNDP और मिस्र की राहत एजेंसियां भी अभियान में शामिल
हादसे के बाद संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और मिस्र की राहत एजेंसियों के बचाव कर्मी भी राहत अभियान में शामिल हो गए हैं। UNDP के गाजा कार्यालय प्रमुख एलेसांद्रो म्राकिक ने स्थिति को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा कि बचाव दल के पास जरूरी बुनियादी संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मलबे में फंसे लोगों को बचाने में देरी हो रही है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
400 कमजोर इमारतों पर मंडरा रहा खतरा
UNDP अधिकारी ने चेतावनी दी कि गाजा क्षेत्र में करीब 400 कमजोर इमारतें गिरने की कगार पर हैं। सर्दियों की आहट के साथ इन इमारतों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता और कमजोर इमारतों से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
फिलहाल, तल अल-हवा इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है। बचाव दल मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।