डेस्क। हमारा दिमाग शरीर के लगभग हर जरूरी काम को नियंत्रित करता है। सोचने-समझने, याददाश्त, बोलने, देखने, चलने-फिरने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में ब्रेन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में ब्रेन से जुड़ी किसी समस्या का असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है।
हालांकि, शरीर में नजर आने वाला हर लक्षण ब्रेन की बीमारी का संकेत नहीं होता। इसके पीछे कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं। लेकिन कुछ लक्षण अगर अचानक दिखाई दें या तेजी से बढ़ें, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
अचानक तेज सिरदर्द हो तो रहें सतर्क
कई बार सिरदर्द सामान्य कारणों से भी होता है, लेकिन अचानक बहुत तेज और असामान्य सिरदर्द गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। अगर सिरदर्द के साथ उल्टी, बेहोशी, गर्दन में अकड़न या देखने-बोलने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन
अचानक चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना, खासकर शरीर के एक तरफ, स्ट्रोक का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण अचानक शुरू होने पर समय गंवाए बिना इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है।
बोलने या समझने में परेशानी
अगर अचानक शब्द बोलने में दिक्कत होने लगे, आवाज अस्पष्ट हो जाए, सही शब्द समझ या बोल न पाएं या सामने वाले की बात समझने में परेशानी हो, तो यह ब्रेन से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
चलने और संतुलन में बदलाव
अचानक चलने में लड़खड़ाहट, शरीर का संतुलन बिगड़ना, बार-बार गिरना या बिना स्पष्ट कारण तेज चक्कर आना भी गंभीरता से लेना चाहिए। हालांकि, ऐसे लक्षण ब्रेन के अलावा कान या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं।
अचानक नजर में बदलाव
धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें नजर आना या एक या दोनों आंखों की दृष्टि अचानक कम होना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है। अगर ऐसा बदलाव अचानक हुआ है, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
याददाश्त और व्यवहार में बदलाव
लगातार चीजें भूलना, रोजमर्रा के काम करने में परेशानी, अचानक भ्रमित होना या व्यक्तित्व और व्यवहार में असामान्य बदलाव भी ब्रेन से संबंधित समस्या से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, तनाव, नींद की कमी, उम्र और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं।
पहली बार दौरा पड़े या बेहोशी आए
पहली बार दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना या कुछ समय के लिए आसपास की चीजों से अनजान हो जाना डॉक्टर से जांच की मांग करता है। ऐसे मामलों में खुद से इलाज करने या लक्षण खत्म होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना चाहिए।
मतली और उल्टी के साथ दूसरे लक्षण हों तो सावधान
सिर्फ मतली या उल्टी होना आमतौर पर ब्रेन की बीमारी का सीधा संकेत नहीं माना जाता। लेकिन अगर इसके साथ तेज सिरदर्द, देखने में बदलाव, भ्रम, कमजोरी या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्या हो, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
स्ट्रोक के संकेत पहचानने के लिए याद रखें F.A.S.T.
स्ट्रोक की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके प्रमुख संकेत पहचानने के लिए F.A.S.T. को याद रखा जा सकता है।
- F – Face: मुस्कुराने पर चेहरे का एक तरफ झुकना।
- A – Arms: दोनों हाथ ऊपर उठाने पर एक हाथ नीचे गिरना या कमजोरी महसूस होना।
- S – Speech: बोलने में परेशानी या बात का अस्पष्ट होना।
- T – Time: समय बर्बाद न करें और तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें।
लक्षण ठीक हो जाएं तब भी रहें सावधान
ब्रेन से जुड़े कई गंभीर लक्षण अचानक दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खे आजमाने या इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना ज्यादा जरूरी है। अगर लक्षण कुछ मिनटों के बाद अपने आप ठीक भी हो जाएं, तब भी चिकित्सकीय जांच की जरूरत हो सकती है।
जरूरी बात: इन लक्षणों का मतलब हमेशा ब्रेन की बीमारी नहीं होता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है। खासकर अचानक कमजोरी, बोलने में परेशानी, चेहरे का टेढ़ा होना, नजर में बदलाव या बेहोशी जैसे लक्षण सामने आएं तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत मदद लें।