नारी डेस्क: हाल के वर्षों में भारत में ब्रेन ट्यूमर के मामले तेजी से बढ़े हैं। ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, यह देश में पाए जाने वाले कुल ट्यूमर मामलों में 14वें स्थान पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी के बारे में जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों को पहचान न पाने के कारण अधिकांश मरीज देर से इलाज करवाते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
ब्रेन ट्यूमर क्या है?
ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि है, जो धीरे-धीरे दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। कई बार यह फेफड़ों, स्तन या किडनी के कैंसर से भी फैल सकता है, जिसे मेटास्टेटिक ट्यूमर कहा जाता है। ऐसे मामलों में इसके लक्षण बिल्कुल ब्रेन कैंसर जैसे नजर आते हैं।

दौरे पड़ना हो सकता है शुरुआती संकेत
विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर का एक आम लक्षण है — दौरे पड़ना या मिर्गी जैसे झटके आना। यदि किसी व्यक्ति को अचानक दौरे आने लगें, खासकर यदि वह पहले से किसी कैंसर से जूझ रहा हो, तो तुरंत MRI स्कैन करवाना जरूरी है। शुरुआती पहचान से इलाज के परिणाम काफी बेहतर हो सकते हैं।
लक्षण ट्यूमर की जगह पर निर्भर
- ट्यूमर ब्रेन के किस हिस्से में है, उसके अनुसार लक्षण भी बदल जाते हैं।
- राइट साइड ट्यूमर: शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन।
- लेफ्ट साइड ट्यूमर: बोलने या समझने में कठिनाई।
- ऑक्सिपिटल लोब ट्यूमर: नजर धुंधली होना या देखने में दिक्कत आना।
सिर दर्द और उल्टी—लाल संकेत
ब्रेन ट्यूमर का सिर दर्द सामान्य दर्द से अलग होता है। यह अक्सर सुबह के समय ज्यादा होता है और खांसने, छींकने या सिर झुकाने पर बढ़ जाता है। कई बार इसके साथ उल्टी भी होती है, जिसके बाद थोड़ी राहत महसूस होती है। यह संकेत किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है। इसके साथ कमजोरी, धुंधली दृष्टि, संतुलन बिगड़ना और बोलने में परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
समय पर जांच है जीवनरक्षक
अगर लगातार सिर दर्द, दौरे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से तुरंत संपर्क करें। शुरुआती जांच और समय पर इलाज से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी को भी काबू में किया जा सकता है।