37 लाख अपीलों का बोझ, बंगाल में वोटर लिस्ट पर फैसला आने में 12 साल का अनुमान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़ी अपीलों के निपटारे को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक अन्य हलफनामे में स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, इन मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल का गठन सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया है।

चुनाव आयोग ने बताया कि ट्रिब्यूनल के कामकाज के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP भी तैयार की गई है। यह SOP कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार की गई है, ताकि अपीलों की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हो सके।

हलफनामे में यह भी कहा गया है कि बड़ी संख्या में लंबित अपीलों के कारण मामलों के निपटारे में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में यदि ट्रिब्यूनल की संख्या में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई, तो बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

आयोग के मुताबिक, समय पर अपीलों का निपटारा नहीं होने की स्थिति में कई पात्र मतदाता आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित रह सकते हैं। इससे वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे और ट्रिब्यूनल की क्षमता बढ़ाने की जरूरत सामने आई है।

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